जिंदगी की हकीकत

जिंदगी की हकीकत

जिंदगी की हकीकत  पसंद आये तो लाइक और शेयर जरूर करें

लकीरें भी बड़ी अजीब होती है यारो,

माथे पर खिंची जाए तो तक़दीर बना देती है

और अगर जमीं पर खिंची जाए तो शरह्दे बना देती है

*दर्द भरी शायरी*

सूरज डूबने के घंटों बाद, थकहारकर लौट जाता हूं हर रोज घर की तरफ,

आज तक समझ नहीं पाया की  जीने के लिए काम करता हूं या काम करने के लिए जीता हूं

 

बचपन में सबसें ज्यादा एक ही सवाल पूछा  गया बड़े होकर क्या बनना है ,

जबाब अब मिला है की मुझे तो फिर सें बचा बनना है,

जिंदगी की हकीकत

थक गया हूं तेरी नौकरी सें ऐ  जिंदगी,

मुनासिब होगा मेरा हिसाब करदे,

इन्हें भी पढ़े –*प्रेम कहानियां*

दोस्तों से बिछड़कर एक हकीकत खुली,

बेसक कमीने थे पर जिंदगी में रौनक उन्ही सें थी

भरी जेब सें दुनिया की पहचान करवाई और खाली जेब सें अपनों की ||

इन्हें भी पढ़े – *कविताएं*

जब लगे पैसा कमाने तो समझ में आया,

की शौंक तो माँ बाप के पैसों सें पुरे होते थे ,

अपने पैसों सें तो बस जरूरतें ही पूरी होती है ||

जिंदगी की हकीकत  इन्हें भी पढ़े – कुमार विश्वास की बेहतरीन शायरी

हंसने की इच्छा ना हो तो भी हंसना पड़ता है,

कोई जब पूछे कैसे हो मजे मैं हूं कहना पड़ता है

ये जिंदगी का रंगमंच है दोस्तों,

यहां हर एक को नाटक करना पड़ता है ||

दीवानापन शायरी  —

माचिस की जरूरत यहां नहीं पड़ती दोस्तों

क्योंकि यहां आदमी आदमी सें जलता है ||

मां का दर्द

ये दुनियां भी कितनी अजीब है यारों

यहां  लोग चेहरे पर अनेकों मुखोटे लिए घूमते है

दूसरों की ख़ुशी सें लोग जलते है और दुःख में झूमते है

इन्हें भी पढ़े –*प्यार भरी शायरी*

जिंदगी की हकीकत

विडियो देखें

विडियो गेलरी पर जाएं

हमारे यूट्यूब चैनेल पर जाएं

हमारी एंड्राइड एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में डाले ||

 

 

Related posts

Leave a Reply