शादी के लाल जोड़े में

शादी के लाल जोड़े में

शादी के लाल जोड़े में

शादी के लाल जोड़े में जब वो सज रही होगी

देखकर आईने में अपना चेहरा वो शरमाई  तो होगी,

पहन रही होगी जब सुहाग का लाल जोड़ा

उसे मेरी याद आई तो होगी ,

करके याद मुझे आँखे उसकी रोई तो होगी ,

शादी के लाल जोड़े में

जब सात फेरों के बंधन में वो बंध रही थी

उधर मंडप में आग जल रही थी

इधर मेरा दिल जल रहा था

उधर उसकी आंखें नए साजन के सपनों  में खोई थी,

इधर उसकी यादों में मेरी आंखे रोई थी ||

शादी के लाल जोड़े में

उसी रात जब वो पहली बार अपने साजन की बाहों में आई होगी

यादें मेरी उसकी निगाहों में आई होगी,

करके मुझे बर्बाद वो आबाद हो गई

वो भला क्या समझेगी मेरा दर्द जिसकी झोली खुशियों सें भर गई||

अब तो बस उसकी यादों का सहारा है

ऐसा लगता है मानो सारी दुनियां का गम हमारा है ||

विडियो देखें  – शादी के लाल जोड़े में

 

 

 

जिसने कभी चाहतों का पैगाम लिखा था ,

जिसने अपना सबकुछ मेरे नाम लिखा था

सूना है उसे आज मेरे नाम सें भी नफरत है

जिसने कभी अपने दिल पर मेरा नाम लिखा था ||

purpose शायरी

होठों की जुबान ये आंसू कहते है

जो चुप रहते है फिर भी बहते है

अरे इन आंसुओं की किस्मत तो देखिये ,

ये उन्ही के लिए बहते है जो इन आंखो में रहते है ||

दीवानापन शायरी  —

अपनी जिंदगी में भी लिखें है कुछ ऐसे ही किस्से ,

किसी ने अपना बनाकर वक्त गुजार लिया और

किसी ने वक्त  गुजारने के लिए अपना बना लिया  ||

यादें शायरी

तेरे सिवा कोई मेरे जज्बात में नहीं

आंखो में वो नहीं  है जो बरसात में नहीं

पाने की तुझे बहूत कोशिश की पर ,

शायद तूं वो लकीर है  जो मेरे हाथों में ही नहीं ||

 

आईने सें पूछो कभी जो अतीत अपना ,

मेरा नाम जहन में आये तो मुस्कुरा देना ,

तेरी तमाम बेवफाइयों को माफ़ में कर दूंगा

बस एक बार मेरे नाम का सिन्दूर अपनी मांग में लगा लेना ||

मैं मर भी जाऊं तो तेरे इन्तजार में रहूंगा ,

जब भी सिद्दते इश्क हो  आवाज देना ||

शादी के लाल जोड़े में

जब मिलने लगा उसकी महोब्बत में सुकून ,

फिर यूं हुआ वो साथ छोड़कर गया,

अभी बहूत बाकी थी हसरतें दिल में ,

मगर वो शक्श  अधूरी मुलाकातें छोड़कर गया ||

आशिक और शराब शायरी

लेके चले थे तुफा ठोकरों का डर न था

संग था कारवां बिछुड़ने का गम ना  था ,

आरजू थी साथ रहें उम्र भर मगर मिलने का वक्त न था

कोशिश तो बहूत की मगर नजरें मिलाने का दम न था ||

प्यार और महोब्बत शायरी

जानेजा अब में हूँ तेरा ही गुनेहगार सही,

ये ले खंजर तूं अब कर दे आर पार सही,

मौत यूं भी तेरे हाथों लिखी है जालिम ,

जो लिखी है उसे तूं एक बार पढ़ तो सही,

प्यार की शायरी

मेरे सामने तुम जो रहोगी ,मैं मर ना पाउंगा ,

चाहे खंजर ये चुभोओगी  लाख बार सही,

जानता हूं मैं ये सजा भी मुझे दे ना पाओगी

चाहे आ जाऊं दर पे तेरे लाख बार सही ||

विडियो देखें  –

विडियो गेलरी पर जाएं

हमारे यूट्यूब चैनेल पर जाएं

हमारी एंड्राइड एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में डाले ||

 

Related posts

Leave a Reply