khol de pankh mere

khol de pankh mere

khol de pankh mere हिंदी शायरी स्टेटस खोल दे पंख मेरे कहता है परिंदा,अभी और उड़ान बाकी है, जमीं नहीं है मंजिल मेरी,अभी पूरा आसमान बाकी है, लहरों की बेबसी को समन्दर की ख़ामोशी मत समझ ऐ नादान, जितनी गहराई अन्दर है बाहर उतना तूफ़ान बाकी है ShareOn Whatsapp Copy शायरी इन्हें भी पढ़ें :-अनमोल विचार तजुर्बा इंसान को गलत फैलसे सें बचाता है लेकिन, ये भी सच है की तजुर्बा उसे गलत फैसले सें ही मिलता है ShareOn Whatsapp Copy शायरी इन्हें भी पढ़ें :-रुला देने वाली प्रेम कहानी…

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