Yaaden shayari Top 500

Yaaden shayari Top 500



सनम तेरी यादें

(वही जो दिल छू जाए )


खुसबू तेरी मुझे महका जाती है,
तेरी हर बात मुझे बहका जाती है,
सांस को बहुत देर लगती है आने में,
हर सांस से पहले तेरी याद आ जाती है..


तेरे सीने का दिल भी धड़कता होगा,
मुझे देखने को तू भी तरसता होगा.
ये मानने में हर्ज ही क्या है,
की मुझे याद कर तू भी कभी सिसक्ता होगा..



तेरा नाम ही ये दिल रटता है,
ना जाने तुम पे ये दिल क्यू मरता है,
नशा है तेरे प्यार का इतना,
कि तेरी ही याद में ये दिन कटता है..



हकीक़त कहो तो उनको ख्वाब लगता है,
शिकायत करो तो उनको मजाक लगता है,
कितने सिद्दत से उन्हें याद करते है हम,
और एक वो है, जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है..



इंतज़ार तो हम भी किया करते हैं,
आपसे मिलने की आस किया करते हैं,
मेरी याद हिचक़ियो की मोहताज़ नही,
हम तो आपको सांसो से याद करते हैं..


इंतेज़ार रहता है हर शाम तेरा,
रातें काट ते है ले ले के नाम तेरा,
मुद्दत से बैठी हू ये आस पाले,
शायद अब आ जाए कोई पैगाम तेरा..


उदास आँखों में अपने करार देखा है,
पहली बार उसे बेक़रार देखा है,
जिसे खबर ना होती थी मेरे आने जाने की,
उसकी आँखों में अब इंतज़ार देखा है..


अब भी हसीन सपने आँखों में पल रहे हैं,
पलकें हैं बंद फिर भी आँसू निकल रहे हैं,
नींदें कहाँ से आएँ बिस्तर पे करवटें ही,
वहाँ तुम बदल रहे हो यहाँ हम बदल रहे हैं..


रब किसी को किसी पर फ़िदा ना करे,
करे तो कयामत तक जुदा ना करे ,
ये माना की कोई मरता नहीं जुदाई में,
लेकिन जी भी नहीं पाता तन्हाई में ..


आज की तन्हाई कुछ ज्यादा ही गहरी है- तेरे ख़वाब पर आँख आसुओं से भरी है


वो बचपन भी क्या दिन थे मेरे
न फ़िक्र कोई..न दर्द कोई.
बस खेलो, खाओ, सो जाओ
बस इसके सिवा कुछ याद नहीं


आँख तो प्यार में दिल की ज़ुबान होती है
सच्ची चाहत तो सदा बे-ज़ुबान होती है
प्यार में दर्द भी मिले तो क्या घबराना,
सुना है दर्द से ही चाहत और जवान होती है


प्यार की कली सब के लिए खिलती नहीं
चाह कर भी हरेक एक चीज मिलती नहीं
सच्चा प्यार किस्मत से मिलता है
पर हर एक को ऐसी किस्मत मिलती नहीं


वक़्त बदल गया पर बदली सिर्फ कहानी है
साथ मेरे ये खूबसूरत लम्हों की यादे पुरानी है
मत लगाओ मेरे ये दर्द भरे ज़ख्मो पे मलम
मेरे पास सिर्फ उनकी बस यही एक निसानी है


पुरानी यादे ताजा कर ले कुछ थक गया हु

तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी मुनासिब

होगा मेरा हिसाब कर दे

दोस्तो से बिछड कर यह हकीकत खुली

बेशक कमीने थे पर रौनक उन्ही से थी !!


मेरी धुंधली शामें मुझ से मुंह मोड़ती हैं

मेरी पुरानी यादे मुझ से नाता तोड़ती हैं

अब तुझ से क्या बताऊँ ये तन्हा रातें

मेरा कत्ल करने को दौड़ती हैं


थम के रह जाती है जिन्दगी तब जब जम के बरसती हैं पुरानी यादें


पुरानीशायरीयाद आ गयी।

मुश्किलें इंसान के हौसले आज़माती हैं।

मुश्किलें इंसान को चलना सिखाती हैं।

हौसला न हार गिर कर ए मुसाफिर।

मुश्किलें इंसान को जीना सिखाती हैं।


तेरी मुहब्बत अब बस कहानी रह गयी
शहर छूट गया यहाँ यादेपुरानी रह गयी
कोई पूछे जो “सोनी” की खैरियत तो ,
कहना वह दीवाना था और उस की दीवानगी रह गयी


बदला है वक्त बदली सी कहानी है

संग मेरे तेरे हसिन पलो कि यांदें पुरानी है

मत लगाओ मेरे ज्खमो पर महरम मेरे यारो

बस उसकी ये आखरी तो निशानी है !!


कभी याद आती है कभी उनके ख्वाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके तो उन्हें बेहिसाब आते हैं.


कभी कभी किसी अपने की इतनी याद आती हैं,
कि रोने के लिए रात भी कम पड़ जाती हैं.


हसरत नहीं, अरमान नहीं, आस नहीं है,
यादों के सिवा कुछ भी मेरे पास नहीं है.


न जाने क्यूँ, जिन्दगी काँटें की तरह चुभ रही हैं,
तेरी हर एक बात आज बहुत याद आ रही हैं.


तेरी यादों का जहर फैल गया है दिल में,
मैंने बहुत देर कर दी है तुझे भुलाने में.


दर्द में भी ये लब मुस्कुरा जाते हैं,
बीते लम्हे हमें जब भी याद आते है


तुम्हें क्या पता किस दौर से गुजर रहा हूँ मैं,
तन्हा तेरी याद में पल-पल मर रहा हूँ मैं.


भीगी पलकों के साथ आँखे नम थे ,
जिंदगी उनसे शुरू उन पे खतम थी ,
वो रूठ कर दूर रहने लगे हमसे ,
शायद मेरी चाहत औरो से कम थी ||


कभी यूँ भी हो कि बाजी पलट जाएँ,
उसे याद सतायें मेरी और मैं सुकून से सो जाऊं.


थक गया है दिल-ए-वहशी मेरा फ़रियाद से भी,
जी बहलता नहीं ऐ सनम तेरी याद से भी.


एक तुम हो सनम कि कुछ कहती नहीं,
एक तुम्हारी यादें हैं जो चुप रहती नहीं.


तोड़ दो सारी कसमें जो तुमने खाई हैं,
कभी कभी याद कर लेने में क्या बुराई है.


यादों को भुलाने में कुछ देर तो लगती है,
आँखों को सुलाने में कुछ देर तो लगती है,
किसी शख्स को भुला देना इतना आसान नहीं,
दिल को समझाने में कुछ देर तो लगती है.


चाँद के बिना अँधेरी रात रह जाती है,
साथ एक हसीन सी मुलाकात रह जाती है,
सच है कि जिंदगी कभी रूकती नहीं,
वक़्त निकल जाता है और याद रह जाती है.


तरीका मेरे क़त्ल का तुम एक ये भी इजाद करो,
मर जाऊँ मैं हिचकियो से मुझे इतना याद करो.


बेचैन इस कदर था, सोया न रात भर,
पलकों से लिख रहा था, तेरा नाम चाँद पर.


कभी कभी किसी अपने की इतनी याद आती हैं,
कि रोने के लिए रात भी कम पड़ जाती हैं.


ऐसा नही हैं कि दिन नहीं ढलता या रात नही होती,
सब अधूरा सा लगता हैं जब तुमसे बात नही होती…


हर रोज चुपके से निकल आते नये पत्ते,
यादों के दरख्तों में क्यूँ पतझड़ नही होते.


आदत है जो कभी जाती नही,
वो हमें भूल गये उन्हें हमारी याद आती नही.


कुछ किस्से दिल में, कुछ कागजों पर आबाद रहे,
बताओ कैसे भूलें उसे जो हर साँस में याद रहे.


ना जाने क्यों इश्क़ नीदें चुरा लेती हैं,
जिसे भूलना चाहों वो याद बहुत आती हैं.


दो कदम का फासला उम्र भर तय ना हो पाया,
वक्त के कगार पर खड़ा रिश्ता कभी जुड़ ना पाया.


यादें अच्छी हो तो मुस्कुराहट लाती हैं,
और यादें बुरी हो तो आँखें नम कर जाती हैं.


फेरों ना निगाहें हम चले जायेंगे,
लेकिन याद रखना हम बहुत याद आयेंगे.


तुझे याद कर लूँ तो मिल जाता हैं सुकून दिल को,
मेरे गमों का इलाज भी कितना सस्ता हैं.


लफ़्ज, अल्फ़ाज, कागज़ और किताब,
कहाँ कहाँ नही रखता मैं तेरी यादों का हिसाब.


याद करते हैं कसमें खाते हैं,
फिर क्यूँ साथ छोड़ जाते हैं.


जाने क्यूँ बारिश जब भी होती हैं,
मेरे अंदर तेरी याद छुप-छुप कर रोती हैं.


ना शिकवा किसी का
ना फ़रियाद किसी की,
एहसास मिटा और मिटी उम्मीदें,
सब मिटा पर ना मिटी याद किसी की.


ज़ज्बात कहते हैं, ख़ामोशी से बसर हो जाएँ,
दर्द की ज़िद है कि दुनिया को खबर हो जाएँ.


रात में जब चाँद नजर आता हैं तो याद आ जाती हैं,
तुझसे मिलने की लब पर फ़रियाद आ जाती हैं.


वही फिर मुझे याद आने लगे हैं,
जिन्हें भूलने में जमाने लगे हैं.


जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में,
उनकी यादे कसम से कमाल की होती हैं.


खुल जाता हैं तेरी यादों का बाज़ार सरेआम,
फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती हैं.


होती है बड़ी जालिम एक तरफ़ा मोहब्बत भी,
वो याद तो आते है मगर याद नहीं करते.


रात यूँ दिल में तेरी खोई हुई याद आई,
जैसे वीराने में चुपके से बहार आई.


प्यार कम नही होता किसी के दूर जाने से,
बस दर्द होता हैं उनकी याद आने से.


अपने गम में भी नायाब खजाना ढूंढ लेते हैं,
हम तुम्हें याद करने का बहाना ढूंढ लेते हैं.


भीगते हैं जिस तरह से तेरी यादों में डूब कर,
इस बारिश में कहाँ वो कशिश तेरे खयालों जैसी।


ना चाहकर भी मेरे लब पर ये फ़रियाद आ जाती है,
ऐ चाँद सामने न आ किसी की याद आ जाती है।


बरसों हुए न तुम ने किया भूल कर भी याद,
वादे की तरह हम भी फ़रामोश हो गए।


जरूरी तो नही है कि तुझे आँखों से ही देखूँ,
तेरी याद का आना भी तेरे दीदार से कम नही।


तेरे गम में भी नायाब खजाना ढूँढ लेते हैं,
हम तुझे याद करने का बहाना ढूँढ लेते हैं।


यह माना के हम से वो खफा रहे होंगे,
हो सकता है वो हमें आजमा रहे होंगे,
हम उतनी ही शिद्दत से याद करेंगे उन्हें,
जितनी शिद्दत से वो हमें भुला रहे होंगे।


तु बिलकुल चांद की तरह है!
ए सनम…
नूर भी उतना ही,
गुरुर भी उतना ही,
और दूर भी उतना ही… 🙁


Mere Dil Ki Har Dhadkan Tumhare Liye Hai
Meri Har Dua Tumhari Muskurahat Ke Liye Hai
Tumhari Har Adaa Mere Dil Ko Churane Ke Liye Hai
Ab To Meri Zindagi Tumhare Intezar Ke Liye Hai…


Teri Adaon Ka Kayal Ho Gaya Hun,
Din Ho Ya Raat Sirf Tujhe He Socha Karta Hun,
Dua Karta Hun Hamesha Mein Apne Khuda Se,
Mila De Mujhe… Tujh Se Sirf Ek Baar,
Uske Baad Chahe Toh Jaan Bhi Le Le….!!


तेरी यादों को पसंद आ गई है
मेरी आंखों की नमी
हंसना चाहु तो रूला देती है तेरी कमी…


बस इक झिझक है यही हाले दिल सुनाने में. . . . .
कि तेरा नाम भी आयेगा इस अफसाने में. . . . .! !


यूँ दूरियों की आग में सुलगती है जाँ छुटता नही है दिल से तेरी याद का धुआँ |


सिसकियाँ लेता है वजूद मेरा गालिब,

नोंच नोंच कर खा गई तेरी याद मुझे।”


नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से,

मैंने आने न दिया उसको तेरी याद से पहले..!!


ये मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा;

मैं खुद तन्हा रहा मगर दिल को तन्हा नहीं रखा


रात हुई जब शाम के बाद! तेरी याद आई हर बात के बाद! हमने खामोश रहकर भी देखा! तेरी आवाज़ आई हर सांस के बाद!


हो जाओ गर तनहा कभी तो मेरा नाम याद रखना

मुझे याद हैं सितम तेरे , तू मेरा प्यार याद रखना


इन आँखों ने भी दम तोड़ दिया तेरे आने के एतबार में

मुझे याद है वादा फरोशी तेरी तू ये इंतज़ार याद रखना


गम ने हसने न दिया ज़माने ने रोने न दिया!

इस उलझन ने चैन से जीने न दिया

थक के जब सितारों से पनाह ली

तो तेरी याद ने सोने न दिया!


जीने को कोइ बहाना बता दो…

तेरी याद में रोज़ मरती हूँ मैं…!!


मुस्कुराती आँखों से अफ़साना लिखा था,

शायद आपका मेरी ज़िन्दगी में आना लिखा था

तक़दीर तो देखो मेरे आँसू की उसको भी

तेरी याद मे बह जाना लिखा था


दुआ कौन सी थी हमे याद नही बस इतना याद है,

दो हथेलियाँ जुड़ी थी एक तेरी थी एक मेरी थी..!!


सांस को बहुत देर लगती है आने में

हर सांस से पहले तेरी याद आ जाती है


हम कोई तर्क_ए वफ़ा करते हैं_

तू ना सही तेरी याद ही सही


तुझसे ज्यादा तेरी याद को है मुझसे हमदर्दी,

देखती है मुझे तन्हा तो चली आती है…!!!


मैं शिकायत करूँ तो क्यों करूँ ,ये तो किस्मत की बात है,

तेरी सोच में भी नहीं मैं,और तू मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ याद है!


मुझे याद है तो इतना तेरी जुस्तजू में था

मैं मगर उसके बाद तो बस कहीं ख़ुद ही खो गया मैं


यूँ चाँद भी तन्हा है, चांदनी के बगैर,

मेरा दिल भी तन्हा है तेरी याद के बगैर…


चली आती है… तेरी याद मेरे जहन में अक्सर.. तुझे हो ना हो.. तेरी यादो को जरूर मुझसे मोहब्बत है


याद आती है तेरी आ के ठहर जाती है

मेरी साँसों में जुनूँ बन के उतर जाती है


लिखते हैं कि तेरी याद चली जायेगी, पर हर लब्ज क़यामत ढाता है ।!


बहुत छुपा कर रखा था तेरी मोहब्बत का राज़ सबसे !

तेरी याद आते ही ये अश्क सब बयान कर देते हैं !!


मेरी मोहब्बत सच्ची है इसलिए तेरी याद आती है.. अगर तेरी बेवफाई सच्ची है तो अब याद मत आना.


धूप गई छाँव गई दिन गया रात गई

दिल से तेरी याद न गयी मिलने की फरियाद न गयी


तेरी याद को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी,

हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी


कितने अजीब इंसान है तेरी दुनिया मेँ ऐ खुदा

शौक ऐ मोहब्बत भी रखते है और याद तक नहीँ करते…..!


तेरी मजबूरियाँ भी होगी चलो मान लेते है….!!

मगर तेरा एक वादा भी था मुझे याद रखने का….!


तुजे भुलाने के हज़ार तरीक़े सोचते रहे रात भर ,

और इस तरह तेरी याद में एक रात और गुज़र गयी.


तुझे भूल जाने की कोशिश कभी कामयाब न हो सकी..

तेरी याद फूल-ऐ-गुलाब है, जो हवा चली तो महक गई..


तेरी याद से शुरू होती है मेरी हर सुबह,

फिर ये कैसे कह दूँ.. कि मेरा दिन खराब है..!!


आज फिर दिल ने कहा आओ भुला दें यादें

भूल जाना भी तो इक तरह की नेअमत है

वरना इंसान को पागल न बना दें यादें


इक रिश्ता जो है और नहीं भी बस कुछ लफ़्ज़ से हैं तेरे मेरे दरमियां कुछ पुरानी /कुछ ताज़ी यादें दो जोड़ी आंखों की वो गुफ्तगू और इक अभूली याद!


तेरी तस्वीरों में कुछ यादें मेरी भी हैं कुछ पलों की बातें अधूरी भी हैं


वो मोहब्बत ही क्या जिसमें यादें ही न हो और वो यादें ही क्या जिसमें तुम न हो….


यादें जब आती हैं बनजाते हैं रुसवाइयों के बवंडर
आँखों से आँसुंओं की धार निकल जाती है
अँधेरे उजले पथ पर चलते चलते
एक टूटी तस्वीर उभर जाती है ।


उतर जाती हैं जो जहन में तो फिर जल्दी नींद नहीं आती.. ये कॉफ़ी और तुम्हारी यादें..एक जैसी हैं..!!


“एक मुख़्तसर लम्हा ही तो था… अपने पीछे ना जाने कितनी यादें छोड़ गया….!!”


तेरी यादें अक्सर छेड़ जाया करती हैं कभी अा़ँखों का पानी बनकर कभी हवा का झोंका बनकर.!!!


ले लो ना वापिस… वो तड़प वो आंसू वो यादें सारी, नही कोई जुर्म मेरा तो फिर ये सजायें कैसी??


ज़िन्दगी मे कुछ हसीन पल बस यूँही गुज़र जाते है..

रह जाती है यादें इंसान बिछड़ जाते है..


गुज़र जायेगा ये दौर भी चंद लम्हो में…

कुछ अजनबियों से ही सही ..यादें तो बना लीजिये जनाब


इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा; यादें काटती हैं ले-ले के नाम तेरा; मुद्दत से बैठे हैं तेरे इंतज़ार में; कि आज आयेगा कोई पैगाम तेरा!


यादें उन्हीं की आती है जिनसे कुछ ताल्लुक हो ! हर शख्स मुहब्बत की नजर से देखा नही जाता !!


ख़र्च जितना भी करूँ,,, ~ बढ़ती जाती है ये यादें तेरी अजीब दौलत है !


इतनी यादें तेरी पर तू ही मेरे पास नहीं….. इतनी बातें है पर करने को तू ही साथ नहीं


इस दुनियाँ में सब कुछ बिकता है, फिर जुदाई ही रिश्वत क्युँ नही लेती? मरता नहीं है कोई किसी से जुदा होकर, बस यादें ही हैं जो जीने नहीं देती…


क्या खूब होता अगर यादें रेत होती… मुठी से गिरा देते, पाँव से उड़ा देते…


जीना चाहते हैं ज़िन्दगी रास नहीं आती मरना चाहते हैं मौत पास नहीं आती बहुत उदास हैं हम इस ज़िन्दगी से उनकी यादें तो तड़पाने से बाज़ नहीं आती.


यूँ ही गुजर जाते हैं मीठे लम्हे किसी मुसाफिर की तरह .. और यादें वहीँ खड़ी रह जाती हैं रुके रास्तों की तरह !!.


जहन में हर शाम यादें तुम्हारी आ बैठती हैं ऐसे …किसी दीवार पर दोपहर की धूप चढ़ी हो जैसे


कुछ जख्म कुछ दर्द कुछ यादें ” कुछ अधुरे ख्वाब ” कुछ झूठे वादे ! शुक्रिया मोहब्बत तेरा ” तुमने खाली हाथ नही भेजा अपने दर से !!!


मेरे दिल की सिम्त न देख तू,। किसी और का ये मुक़ाम है, यहाँ उसकी यादें मुक़ीम हैं, ये किसी को मैने दिया नहीं,॥


प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है.. मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी..।।


वो बोली क्या अब भी हमारी याद आती है…!!!!

हमने भी हसकर बोला अपनी बर्बादी को कोन भूल सकता है…!!!


तू याद रख,या ना रख…

तू याद है,ये याद रख….!!


बेशर्म हो गयी हैं ये ख्वाहिशें मेरी…
मैं अब बिना किसी बहाने के तुम्हे याद करने लगा हूँ


जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में,
उनकी यादें कसम से कमाल की होती हैं..


तुम से मुमकिन हो तो फिर रोक दो साँसें मेरी,,
दिल जो धड़केगा, तो फिर याद तो तुम आओगे..!!


कहाँ जा रहे हो तुम बिछड़ कर हमसे,
कौन सी जगह है जहां यादों से बच पाओगे…


मुझे मालूम है ऐसा कभी मुमकिन ही नहीं,
फ़िर भी हसरत रहती है कि तुम याद करोगे…


मरना होता तो कबके मर गए होते…
तेरी यादों में हर रोज़ मरने का मज़ा ही कुछ अलग है …!!


कुछ दिन तो तेरी यादें वापस ले ले..

‘पागल’

मैं कई दिनों से सोया नहीं….!!


सर्द हवाएँ क्या चली फिज़ाओं में….

हर तरफ तेरी यादों की धुँध बिखर गई…


याद महबूब की और शिद्दत सर्दी की…
देखते हैं हमें कौन बीमार करता है..!


कब तक याद करूँ मैं उसको कब तक अश्क़ बहाऊँ,
यारो अब तो रब से दुआ करो मैं उसको भूल ही जाऊँ…


सोचता हूँ की, कभी भी अब तुझें याद नहीं करूँगा..
फिर सोचता हूँ ये फ़र्क़ तो रहने दो हम दोनों में….


जब चाहूँ तुम्हे मिल नहीं सकता,
लेकिन जब चाहूँ तुम्हे याद कर सकता हूँ ….


मेरा प्यार सच्चा था इस लिये तेरी याद आती है,
अगर तेरी बेवफाई भी सच्ची है तो अब यादों मे मत आना.


सर्द मौसम में बहुत याद आते हैं,
धुँध में लिपटे हुए वादे तेरे……. !!!!


बंद रखते हैं जुबान लब खोला नहीं करते,
चाँद के सामने सितारे बोला नहीं करते,
बहुत याद करते हैं हम आपको लेकिन,
अपना ये राज़ होंठों से खोला नहीं करते।


जब याद आती है आपकी तो मुस्कुरा लेते हैं,
कुछ पल के लिए गम भुला लेते हैं,
कैसे भीग सकती हैं आपकी पलकें,
जब आपके हिस्से के आँसू हम बहा लेते हैं।


नया कुछ भी नहीं हमदम वही आलम पुराना है,
तुम्हें भुलाने की कोशिश है तुम्हीं को याद आना है।


जिंदगी ख़ाक न थी ख़ाक उड़ाते गुजरी,
तुझसे क्या कहते तेरे पास जो आते गुजरी,
दिन जो गुजरा तो तेरी किसी याद में गुजरा,
रात आई तो कोई ख्वाब दिखाते गुजरी।


भूल न जाना अपनी वफ़ा की उन कसमों को,
तोड़ न देना हमारे प्यार की उन रस्मों को,
आप हमें याद करो या न करो कोई बात नहीं,
बस याद रखना साथ बिताये उन लम्हों को।


तुम्हारी यादों ने हमें इतना सताया है,
देखें कहीं भी चेहरा तुम्हारा नजर आया है,
वो तेरी मासूमियत वो तेरा भोलापन,
इन्ही अदाओं से ही तो दिल भर आया है।
मिसिंग यू…


तुम भूल कर भी याद नहीं करते हो कभी,
हम तो तुम्हारी याद में सब कुछ भुला चुके।..


ज़िंदगी कुछ अधूरी सी लगे तेरे प्यार के बिना,
मुनासिब नहीं है जीना अब तेरे साथ के बिना,
छोड़कर तेरी चाहत पराई लगे ये दुनिया सारी,
दिल ने सीखा नहीं धड़कना तेरी याद के बिना।
मिसिंग यू…


मुझे मार ही न डाले ये बादलों की साजिश,
ये जब से बरस रहे हैं मुझे तुम याद आ रहे हो।


मेरे दिल की मजबूरी को कोई इल्जाम न दे,
मुझे याद रख बेशक मेरा नाम न ले,
तेरा वहम है कि मैंने भुला दिया तुझे,
मेरी एक भी साँस ऐसी नहीं जो तेरा नाम न ले।


तेरे पास से जो गुजरे तो बेखुदी में थे हम,
कुछ दूर जाके संभले तुझे याद करके रोये।


तेरे पास से जो गुजरे तो बेखुदी में थे हम,
कुछ दूर जाके संभले तुझे याद करके रोये।


आँखों में कुछ अरमान दिया करते हैं,
हम सबकी नींद चुरा लिया करते हैं,
इतनी बार आप साँस भी न लेते होंगे,
जितनी बार हम आपको याद किया करते हैं।


एक अजीब सी जंग छिड़ी है तेरी यादों को लेकर,
आँखे कहती हैं सोने दे… दिल कहता है रोने दे।


वो जाते जाते अपनी आहट गए,
इन सोयी आखों में अपना सपना दे गए,
रहत मिलती थी उनके आने से,
फिर भी वो तनहा कर गए…..


तड़पते हैं, न रोते हैं, न हम फ़रियाद करते हैं,
सनम की याद में हरदम खुदा को याद करते हैं,
उन्हीं के इश्क़ में हम दर्द की फरियाद करते हैं,
अब देखते हैं किस दिन हमें वो याद करते हैं।


तेरे गम में भी नायाब खजाना ढूँढ लेते हैं,
हम तुम्हें याद करने का बहाना ढूँढ लेते हैं।


याद आती है तो याद में खो लेते हैं,
आँसू आँखों में उतर आयें तो रो लेते हैं,
नींद तो नहीं आती आँखों में लेकिन,
आप सपनों में आयेंगे इस लिए सो लेते हैं।
मिसिंग यू…


जीना चाहते हैं मगर ज़िंदगी रास नहीं आती,
मरना चाहते हैं मगर मौत पास नहीं आती,
बहुत उदास है ये ज़िंदगी उसके बिना,
उसकी याद भी तड़पाने से बाज नहीं आती।


आज भीगी है पलकें किसी की याद में,
आकाश भी सिमट गया है अपने आप में,
ओस कि बूदें ऐसी गिरी है जमीन पर,
मानो चाँद भी रोया हो उसकी याद में।


अगर खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,
दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,
देर हो गयी आपको याद करने में जरूर,
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।


जख्म ऐसा दिया कोई दवा काम न आयी,
आग ऐसी लगी की पानी से भी बुझ न पायी,
आज भी रोते हैं उनकी याद में…
जिन्हें हमारी याद आज तक नहीं आई।


यूँ दूर रहकर दूरियों को बढ़ाया नहीं करते,
अपने दीवानों को ऐसे सताया नहीं करते,
हर वक़्त बस जिसे तुम्हारा हो ख्याल,
उसे अपनी आवाज़ के लिए तड़पाया नहीं करते।


कभी कभी इतनी शिद्दत से उसकी याद आती है,
जो मैं पलकों को मिलाता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं।


याद जब उस लम्हे की जेहन में आती है,
मोहब्बत दिल में कसक बनकर उभर आती है।


खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरेआम,
फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।.


आया ही था खयाल कि आँखें छलक पड़ीं,
आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।


खामोशी और तन्हाई हमें प्यारी हो गई है,
आजकल रातों से यारी हो गई है,
सारी सारी रात तुम्हें याद करते हैं,
शायद तुम्हें याद करने की बीमारी हो गई है।


तुम्हारी याद में यूँ जलने से अच्छा है कि
सिगरेट जला कर ही जल लेता हूँ।


याद उस लम्हे की जब भी जेहन में आती है,
मोहब्बत कसक बनके उभर आती है।…


जान कर भी तुम मुझे जान न पाए,
आज तक तुम मुझे पहचान न पाए,
खुद ही की है बेवफाई हम ने,
ताकि तुझ पे कोई इल्जाम न आए…


तकिये के लिहाफ में छुपाकर रखी हैं तेरी यादें,
जब भी तेरी याद आती है मुँह छुपा लेता हूँ।


मेरे क़ाबू में न पहरों दिले-नाशाद आया,
वो मेरा भूलने वाला जो मुझे याद आया।


थक गया है दिल-ए-वहशी मेरा फ़रियाद से भी,
जी बहलता नहीं ऐ सनम तेरी याद से भी।


मैंने तो तुझे भुला दिया फिर
क्यों तेरी यादों ने मुझे रुला दिया।


प्यार ने ये कैसा तोहफा दे दिया,
मुझको ग़मों ने पत्थर बना दिया,
तेरी यादों में ही कट गयी ये उम्र,
कहता रहा तुझे कब का भुला दिया।


याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ,
भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है।


डरते है आग से कही जल न जाये,
डरते है ख्वाब से कहीं टूट न जाये,
लेकिन सबसे ज़्यादा डरते है आपसे,
कहीं आप हमें भूल न जाये।
दुआ में याद रखना…


तुझे रातों को इस कदर याद करता हूँ,
जैसे कल इम्तिहान हो मेरा तेरी यादों का।


दिल को दिल समझो तो इश्क़ करो
वादे को वादा समझो तो पूरा करो,
और हमको अपना समझो तो प्यार करो


दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,
रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,
हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,
हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया।


जब से तेरी चाहत अपनी ज़िन्दगी बना ली है,
हम ने उदास रहने की आदत बना ली है,
हर दिन हर रात गुजरती है तेरी याद में,
तेरी याद हमने अपनी इबादत बना ली है.


सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उनमे और हम में,
सारी महफ़िल भूल गए बस वो चेहरा याद रहा।


वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे,
दुनिया में हम सबसे खुशनसीब होंगे,
दूर से जब इतना याद करते हैं आपको,
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे.


दोस्तों ये यादें भी बहुत ही जालिम चीज़ होती है,
कभी ये हंसाती हैं ख़ुशियों के पलों के साथ।
कभी ये रुलाती हैं गम की बातो के साथ।


अहसास मिटा,
तलाश मिटी,
मिट गई उम्मीदें भी,
सब मिट गया पर,
जो न मिट सका
वो है यादें तेरी।


कुछ खूबसूरत पलों की महक सी हैं तेरी यादें,
सुकून ये भी है कि ये कभी मुरझाती नहीं।


जब तक जान है बस याद तुम्हारी आयेगी,
आकर हर खुशी में मेरे दिल को रुलाएगी।


मजबूर नही करेंगे तुझे वादे निभानें के लिए,
बस एक बार आ जा, अपनी यादें वापस ले जाने के लिए।


उसकी यादों को किसी कोने में छुपा नहीं सकता,
उसके चेहरे की मुस्कान कभी भुला नहीं सकता,
मेरा बस चलता तो उसकी हर याद को भूल जाता,
लेकिन इस टूटे दिल को मैं समझा नहीं सकता।


तेरी यादें हर रोज़ आ जाती हैं मेरे पास,
लगता है तुमने बेवफ़ाई नहीं सिखाई इनको।
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शिकायत करूँ तो किससे करूँ, ये तो क़िस्मत की बात है,
तेरी सोच में भी मैं नहीं, मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ तू याद है।
————————————–
हमारे पास तो बस कुछ यादें है तुम्हारी…
जिन्दगी उन्हें मुबारक जिनके पास तुम हो।


फिर पलट रही हैं सर्दियों की सुहानी रातें,
फिर तेरी याद में जलने के जमाने आ गए।


जहाँ भूली हुई यादें दामन थाम लें दिल का,
वहां से अजनबी बन कर गुज़र जाना ही अच्छा है।


जरूरी तो नहीं है कि तुझे आँखों से ही देखूँ,
तेरी याद का आना भी तेरे दीदार से कम नहीं।


बरसों हुए न तुम ने किया भूल कर भी याद,
वादे की तरह हम भी फ़रामोश हो गए।


आता नहीं ख़याल अब अपना भी ऐ ‘जलील’
एक बेवफ़ा की याद ने सब कुछ भुला दिया।


कहते हैं कि…
जब कोई किसी को बहुत याद करता है
तो एक तारा टूट के गिरता है।
एक दिन सारा आसमान खाली हो जायेगा
और इल्ज़ाम हमारे सर आयेगा।


कोई पुरानी कहानी याद आ रही है,
किसी की याद आज फिर सता रही है,
अब ऐसी सूरत में ना जाने वो कैसे आएगी,
नहीं… शायद आज फिर नींद नहीं आएगी


ना चाहकर भी मेरे लब पर ये फ़रियाद आ जाती है ।
ऐ चाँद सामने न आ किसी की याद आ जाती है ।


सजा बन जाती है गुज़रे हुए
वक़्त की यादें,
न जाने क्यों छोड़ जाने के लिए
ज़िन्दगी में आते है लोग ।
और रास्ता बदलने का फैसला भी उसका था।


जिन्हें हम भूलना चाहें वो अक्सर याद आते हैं,
बुरा हो इस मोहब्बत का वो यूँ क्यूँ याद आते हैं.
भुलाये किस तरह उनको कभी पी थी उन आँखों से,
छलक जाते हैं जब आँसू वो सागर याद आते हैं ।


किसी सुर्ख लब के चमक सी दिये की लौ मचलती थी,
जहाँ की थी कभी पूजा वो मन्दिर आज याद आते हैं.
रहे है शमा तू रोश़न दुआ देता है तुझे ये परवाना,
जिन्हें किस्मत में जलना है वो जल कर याद आते हैं ।


तेरे नाम से मुहब्बत की है, तेरे एहसास से मुहब्बत की है,
तू मेरे पास नही फिर भी, तेरे याद से मुहब्बत की है ।


दिल में आप हो और कोई खास कैसे होगा,
यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा,
हिचकियॉं कहती हैं आप याद करते हो,
पर बोलोगे नहीं तो मुझे एहसास कैसे होगा।


मेरी चाहत में कोई कमी तो नहीं है,
फिर क्यों वो बार-बार आज़माए मुझे,
दिल उसकी याद से एक पल भी नहीं जुदा,
फिर कैसे मुमकिन है वो भूल जाए मुझे।


फूलो की तरह हंसती रहो,
कलियोँ की तरह मुस्कुराती रहो,
खुदा से सिर्फ इतना मांगता हूँ,
कि तुम मुझे हमेशा याद आती रहो ।


भीगते हैं जिस तरह से तेरी यादों में डूब कर…
इस बारिश में कहाँ वो कशिश तेरे खयालों जैसी।


रख लो दिल में संभाल कर
थोड़ी सी यादें हमारी,
रह जाओगे जब तन्हा…
बहुत काम आयेंगे हम।


अकेलेपन का इलाज़ होती हैं यादें,
बहुत ही हसीन सी होती हैं यादें,
यूँ तो बोलने को कुछ भी नहीं हैं,
पर मानने को अपना ही साया हैं यादें।


दिल की हालत बताई नहीं जाती,
हमसे उनकी चाहत छुपाई नहीं जाती,
बस एक याद बची है उनके जाने के बाद,
वो याद भी दिल से निकाली नहीं जाती।


साँस थम जाती है पर जान नहीं जाती,
दर्द होता है पर आवाज़ नहीं आती,
अजीब लोग हैं इस ज़माने में ऐ दोस्त,
कोई भूल नहीं पाता…
और किसी को याद नहीं आती।


आज हम हैं कल हमारी यादें होंगी,
जब हम ना होंगे तब हमारी बातें होंगी,
कभी पलटोगे ज़िन्दगी के यह पन्ने,
तब शायद…
आपकी आँखों से भी बरसातें होंगी।


अजीब जुल्म करती हैं
तेरी यादें मुझ पर,
सो जाऊं तो उठा देती हैं
जाग जाऊँ तो रुला देती है ।


आज ये पल है, कल बस यादें होंगी,
जब ये पल ना होंगे, तब सिर्फ बातें होंगी,
जब पलटोगे जिंदगी के पन्नों को,
तो कुछ पन्नों पर आँखें नम
और कुछ पर मुस्कुराहटें होंगी।


तड़प कर गुजर जाएगी
यह रात भी आखिर ,
तुम याद नहीं करोगे तो
क्या सुबह नहीं होगी ।


लफ्ज़, अल्फाज़, कागज़ और किताब,
कहाँ कहाँ नहीं रखता मैं तेरी यादों का हिसाब ।


जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है,
रात होती है तो आँखों में उतर आता है ।

मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं,
वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है ।


बड़ी तब्दीलियां लाया हूँ
मैं अपने आप में लेकिन,

बस तुमको याद करने की
वो आदत अब भी वाकी है ।


अगर रुक जाये मेरी धड़कन
तो इसे मौत न समझना,

ऐसा हुआ है अक्सर
तुझे याद करते करते ।


जो आँसू दिल में गिरते हैं वो आँखों में नहीं रहते,
बहुत से हर्फ़ वो होते हैं जो लफ़्ज़ों में नहीं रहते,
किताबों में लिखे जाते हैं दुनिया भर के अफ़साने,
मगर जिन में हकीकत हो किताबों में नहीं रहते।


दुनिया के ज़ोर प्यार के दिन याद आ गये,
दो बाज़ुओ की हार के दिन याद आ गये,

गुज़रे वो जिस तरफ से फिजायें महक उठी,
सबको भरी बहार के दिन याद आ गये ।।


यूँ तो मुद्दतें गुजार दी है
हमने तेरे बगैर…

मगर,
आज भी तेरी यादों का एक झोंका
मुझे टुकड़ो मे बिखेर देता है ।


यूँ तो मुद्दतें गुजार दी है
हमने तेरे बगैर…

मगर,
आज भी तेरी यादों का एक झोंका
मुझे टुकड़ो मे बिखेर देता है ।


यादें उनकी ही आती है,
जिनसे कोई ताल्लुक हो,

हर शख्श मौहब्बत की,
नज़र से देखा नहीं जाता ।


बादलो से कह दो
जरा सोच समझकर बरसे,
अगर मुझे उसकी याद आ गयी
तो मुकाबला बराबरी का होगा ।


कुछ तबीयत ही मिली थी ऐसी,
चैन से जीने की सूरत नहीं हुई,
जिसको चाहा उसे अपना न सके,
जो मिला उससे मुहब्बत न हुई।


बादलो से कह दो
जरा सोच समझकर बरसे,
अगर मुझे उसकी याद आ गयी
तो मुकाबला बराबरी का होगा ।


हर रात एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दूसरी मोहब्बत,
तब पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है ।


ना कर जिद अपनी हद मे रह ए दिल,
वो बड़े लोग है मर्जी से याद करते है…।


कोई चला गया दूर तो क्या करें,
कोई मिटा गया सब निशान तो क्या करें,
याद आती है उनकी हमें हद से ज्यादा,
मगर वो याद ना करें तो क्या करें…।


*Intelligent बीबी*
तन्हाई मेरे दिल में समाती चली गयी,
किस्मत भी अपना खेल दिखाती चली गयी,
महकती फ़िज़ा की खुशबू में जो देखा प्यार को,
बस याद उनकी आई और रुलाती चली गयी।


बन कर अजनबी मिले थे ज़िंदगी के सफ़र में,
इन यादों के लम्हों को मिटायेंगे नहीं,
अगर याद रखना फितरत है आपकी,
तो वादा है हम भी आपको भुलायेंगे नहीं।


अभी मशरूफ हूँ काफी,
कभी फुर्सत से सोचूंगा,
कि तुझको याद रखने में,
मैं क्या क्या भूल जाता हूँ ।


इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
राते कटती है लेकर नाम तेरा,
मुद्दत से बैठा हूँ पाल के ये आस,
कभी तो आएगा कोई पैग़ाम तेरा!


याद करते हैं हम यारों की दोस्ती,
यादों से दिल भर आता है,
कल साथ जिया करते थे मिलकर,
आज मिलने को दिल तरस जाता है.


दोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करू,
आप भूल भी जाओ तो मे हर पल याद करू,
खुदा ने बस इतना सिखाया हे मुझे
कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करू..


दूरियों की ना परवाह कीजिये,
दिल जब भी पुकारे बुला लीजिये,
कहीं दूर नहीं हैं हम आपसे,
बस अपनी पलकों को आँखों से मिला लीजिये।


किसी की यादो को रोक पाना मुश्किल है,
रोते हुए दिल को मनाना मुश्किल है,
ये दिल अपनो को कितना याद करता है,
ये कुछ लफ्जो में बयाँ कर पाना मुश्किल है.


आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की,
लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं,
कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछियों को,
याद वही आते है जो उड़ जाते है!


उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है,
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर,
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!


न वो आ सके न हम कभी जा सके,
न दर्द दिल का किसी को सुना सके,
बस बैठे है यादों में उनकी,
न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके!!


बहुत चाहा उसको जिसे हम पा न सके,
ख्यालों में किसी और को ला न सके.
उसको देख के आंसू तो पोंछ लिए,
लेकिन किसी और को देख के मुस्कुरा न सके…


तुम बिन ज़िंदगी सूनी सी लगती है,
हर पल अधूरी सी लगती है,
अब तो इन साँसों को अपनी साँसों से जोड़ दे,
क्योंकि अब यह ज़िंदगी कुछ पल की मेहमान सी लगती है।


पलकों को कभी हमने भिगोए ही नहीं,
वो सोचते हैं की हम कभी रोये ही नहीं,
वो पूछते हैं कि ख्वाबो में किसे देखते हो,
और हम हैं की उनकी यादो में सोए ही नहीं!


आशाएं ऐसी हो जो-मंज़िल तक ले जाएँ,
मंज़िल ऐसीहो जो-जीवन जीना सीखा दे,
जीवन ऐसा हो जो-संबंधों की कदर करे,
और संबंध ऐसे हो जो-याद करने को मजबूर कर दे!


कब उनकी पलकों से इज़हार होगा,
दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा,
गुज़र रही है रात उनकी यादो में,
कभी उनको भी हमारा इंतज़ार होगा..


न वो आ सके न हम कभी जा सके,
न दर्द दिल का किसी को सुना सके,
बस बैठे है यादों में उनकी,
न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके !!


इस दिल को किसी की आस रहती है,
निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है,
तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही,
पर तेरे बेगैर जिन्दगी बड़ी उदास रहती है..


वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे,
दुनिया में हम खुश नसीब होंगे,
दूर से जब इतना याद करते है आपको,
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे!


बीते पल वापस ला नहीं सकते,
सूखे फूल वापस खिला नहीं सकते,
कभी कभी लगता है आप हमें भूल गए,
पर दिल कहता है कि आप हमें भुला नही सकते.


कब उनकी आँखों से इज़हार होगा,
दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा,
गुज़र रही हे रात उनकी याद में,
कबि तो उनको भी हमारा इंतज़ार होगा..


इस दिल की दास्ताँ भी बड़ी अजीब होती है,
बड़ी मुस्किल से इसे ख़ुशी नसीब होती है,
किसी के पास आने पर ख़ुशी हो न हो,
पर दूर जाने पर बड़ी तकलीफ होती है!


गम ने हसने न दिया, ज़माने ने रोने न दिया!
इस उलझन ने चैन से जीने न दिया!
थक के जब सितारों से पनाह ली!
नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!


ज़िन्दगी मिलती हैं एक बार
मौत आती हैं एक बार
दोस्ती होती हैं एक बार
प्यार होता हैं एक बार
दिल टूटता हैं एक बार
जब सब कुछ होता हैं एक बार
तो फिर आपकी याद क्यों आती हैं बार बार!!


परछाई आपकी हमारे दिल में है,
यादे आपकी हमारी आँखों में है,
कैसे भुलाये हम आपको,
प्यार आपका हमारी साँसों में है.


एक अजीब दास्तान है मेरे अफसाने की..
मैने पल पल कोशिश उसके की पास जाने की,
किस्मत थी मेरी या साजिश थी ज़माने की,
दूर हुई मुझसे इतना जितनी उमीद थी करीब आने की.


आंसुओं की बूँदें हैं या आँखों की नमी है
न ऊपर आसमां है न नीचे ज़मी है
यह कैसा मोड़ है ज़िन्दगी का
उसी की ज़रूरत है और उसी की कमी है


हकीकत जान लो जुदा होने से पहले,
मेरी सुन लो अपनी सुनाने से पहले,
ये सोच लेना भूलने से पहले,
बहुत रोई हैं ये आँखें मुस्कुराने से पहले.


गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मज़बूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे,
जीते जी जो हमें पहचान न सके.


खुश नसीब होते हैं बादल,
जो दूर रहकर भी ज़मीन पर बरसते हैं,
और एक बदनसीब हम हैं,
जो एक ही दुनिया में रहकर भी..
मिलने को तरसते हैं.


ना मुस्कुराने को जी चाहता है,
ना आंसू बहाने को जी चाहता है,
लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में,
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है|


हस्ती मिट जाती है आशियाँ बनाने मे,
बहुत मुस्किल होती है अपनो को समझाने मे,
एक पल मे किसी को भुला ना देना,
ज़िंदगी लग जाती है किसी को अपना बनाने मे..


दर्द दे कर इश्क़ ने हमे रुला दिया,
जिस पर मरते थे उसने ही हमे भुला दिया,
हम तो उनकी यादों में ही जी लेते थे,
मगर उन्होने तो यादों में ही ज़हेर मिला दिया..


हमसे पूछो क्या होता है पल पल बिताना,
बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना,
यार ज़िन्दगी तोह बीत जायेगी,
बस मुश्किल होता है कुछ लोगो को भूल पाना.


यूँ पलके बिछा कर तेरा इंतज़ार करते है,
यह वो गुनाह है जो हम बार बार करते है,
जलकर हसरत की राह पर चिराग,
हम सुबह और शाम तेरे मिलने का इंतज़ार करते है.


तन्हाईयों में मुस्कुराना इश्क है,
एक बात को सबसे छुपाना इश्क है,
यु तो नींद नहीं आती हमें रात भर,
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागते सोना इश्क है.


खुशी मिली तो मुस्कुरा न सके,
गम मिला तो आंसू बहा न सके,
जिन्दगी का यही राज है,
जिसे चाहा उसे पा न सके,
औऱ इतना चाहा कि उसे भुला न सके।


ना हम रहे दिल लगाने के क़ाबिल,
ना दिल रहा गम उठाने के क़ाबिल,
लगा उसकी यादों से जो ज़ख़्म दिल पर,
ना छोड़ा उस ने मुस्कुराने के क़ाबिल..


तोड़ दो न वो क़सम जो खाई है,
कभी कभी याद करलेने मैं क्या बुराई है,
याद आप को किये बिना रहा भी तो नहीं जाता,
दिल में जगा अपने ऐसी जो बनाई है.


ज़माने से नहीं, तन्हाई से डरते हैं,
प्यार से नहीं, रुसवाई से डरते हैं,
मिलने की उमंग है दिल में लेकिन,
मिलने के बाद तेरी जुदाई से डरते हैं !


हर घडी एक नाम याद आता है;
कभी सुबह, कभी शाम याद आता है;
सोचते हैं हम कि कर लें फिर से मोहब्बत;
फिर हमें मोहब्बत का अंजाम याद आता है।


अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे,
हर खवाब मे बुलाया है तुझे,
क्यू न करे याद तुझ को,
जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे..


जन्नत के दर पर इंतजार हो रहा है,
कोई फरिश्ता है जो मेरी रूह लेकर उड़ रहा है,
सुना है जन्नत में कमी नहीं ऐश-ओ-आराम की,
पर तेरी कमी को ये दिल वहाँ भी महसूस कर रहा है..


डरते है आग से कही जल न जाये,
डरते है ख्वाब से कहीं टूट न जाये,
लेकिन सबसे ज़्यादा डरते है आपसे,
कहीं आप हमे भूल न जाये.


किसी के धडकते दिल के पीछे कोई बात होती हैं,
किसी के उदास दिल के पीछे कोई याद होती हैं,
आप को पता हो या ना हो,
आप की खुशी के लिए कही रोज फरियाद होती हैं।


जब कोई ख्याल दिल से टकराता है!
दिल न चाह कर भी, खामोश रह जाता है!
कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है!
कोई कुछ न कहकर भी, सब बोल जाता है!


अरमान था तेरे साथ जिंदगी बिताने का,
शिकवा है खुद के खामोश रह जाने का,
दीवानगी इस से बढकर और क्या होगी,
आज भी इंतजार है तेरे आने का..


खता हो गयी तो सजा बता दो,
दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो,
देर हो गयी है याद करने में ज़रूर,
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो।


दिन हुआ है तो रात भी होगी,
हो मत उदास, कभी बात भी होगी,
इतने प्यार से दोस्ती की है,
जिन्दगी रही तो मुलाकात भी होगी..


हर घड़ी, हर पल, हर लम्हा निगाहों में तेरा ही चेहरा रहता है,
तुम्हारे मौसम बदलते रहते हैं, हमारा वक्त ठहरा रहता है,
कैसे मिटा दें तेरा अक्स हम इन आँखों से,
हमारी तो धड़कनों पर भी तेरी यादों का पहरा रहता है..


वो नहीं आती पर निशानी भेज देती है
ख्वाबो में दास्ताँ पुरानी भेज देती है
कितने मीठे हे उसकी यादो के मंज़र।
कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है!!


कुछ खूबसूरत पल याद आते हैं,
पलकों पर आँसु छोड जाते हैं,
कल कोई और मिले हमें न भुलना
क्योंकि कुछ रिश्ते जिन्दगी भर याद आते हैं|


कुछ खूबसूरत पल याद आते हैं,
पलकों पर आँसु छोड जाते हैं,
कल कोई और मिले हमें न भुलना
क्योंकि कुछ रिश्ते जिन्दगी भर याद आते हैं|


ऐसे तेरी कमी सी लगती है,
आग जैसे हवा से सुलगती है,
याद आते है लम्हे सब बीते हुए,
जैसे जैसे यह शाम ढलती है..


ऐसे तेरी कमी सी लगती है,
आग जैसे हवा से सुलगती है,
याद आते है लम्हे सब बीते हुए,
जैसे जैसे यह शाम ढलती है..


ऐसे तेरी कमी सी लगती है,
आग जैसे हवा से सुलगती है,
याद आते है लम्हे सब बीते हुए,
जैसे जैसे यह शाम ढलती है..


सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उस शख्स में की हम
सारी मेहफिल भुल गये बस वह चेहरा याद रहा..!!


सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे
सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे
तुम तो अच्छे हो न, याद ही कर लिया करो


मेरी नज़र बरसो मुन्तजिर रही है तेरी,
हर गुजरते चेहरे का तवाफ किया है मेने,
बिछड़ने वाले लोट के आते है एक दिन,
ये सोच के हर पल इंतजार किया है मेने..


मुहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं!
प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं!
मुद्दतें बीत जाती हैं किसी के इंतज़ार में!
ये सिर्फ पल-दो-पल का काम नहीं!


यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे,
खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे,
माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की,
पर हँसते-हस्ते कभी वो भी रोए होंगे.


तन्हाई ना पाए कोई साथ के बाद,
जुदाई ना पाए कोई मुलाकात के बाद,
ना पड़े किसी को किसी की आदात इतनी,
कि हर सांस भी आए उसकी याद के बाद..